September 26, 2021

vedicexpress

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मीडिया हाउस पर आयकर के छापे कितने उचित और कितने अनुचित

आज का मीडिया हाउस पहले से बहुत ही शक्तिमान होकर उभरे हैं
जब शासकीय एजेंसियां मीडिया हाउस पर छापे मारते हैं तो वह यह सोच कर ही मारती हैं कि इनकी कमाई के कितने जरिए हैं क्या इनके द्वारा दी जा रही जानकारी सत्य पर आधारित है अथवा नहीं क्योंकि यह जानना उनका अधिकार होता है
जब भास्कर में छापे पड़े सब सब बड़ी हैरानी भरी निगाहों से इस खबर को देखते और सुनते रहे उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि इतने शक्तिशाली ग्रुप पर कोई शासकीय एजेंसी हाथ भी लगा सकती है आश्चर्य तो तब होता है जब ऐसी कार्रवाइयों का लोग विरोध करते हैं और कटघरे में सरकार को खड़ा कर देते हैं
जबकि वास्तविकता से परे होती है कि सरकार को इन एजेंसियों की कार्यप्रणाली से कोई लेना देना नहीं होता यह स्वतंत्र रूप से अपना कार्य करते हैं
यदि कोई मीडिया हाउस पाक साफ है तो उसे इन कार्रवाइयों से डरने की कतई आवश्यकता नहीं है
: भास्कर से जुड़े इस देश में करोड़ों लोग हैं वह जानते हैं कि यह ग्रुप कभी भी कोई गलत कार्य नहीं कर सकता
ऐसी कार्रवाइयों का भास्कर ग्रुप को खुले दिल से स्वागत करना चाहिए
जिससे आम जनता के सामने दूध का दूध और पानी का पानी हो सके
भास्कर याने रवि और रवि अर्थात सूर्य कभी सूर्य की चमक फीकी नहीं हो सकती यह सभी को अटूट विश्वास है कार्यवाही के नाम से सड़कों पर प्रदर्शन कतई उचित नहीं है

गंगाधर मलाजपुरे राष्ट्रीय अध्यक्ष नेशनल मीडिया ऑफ इंडिया