November 29, 2021

vedicexpress

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एक बयान पर 4 घंटे सियासी घमासान

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल एक सियासी बयान की वजह से 4 घंटे तक परेशान रही। विधायक रामेश्वर शर्मा के घर रामधुन के आयोजन में जा रहे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और कांग्रेसियों को रोकने के लिए पूरी ताकत लगानी पड़ी। तीन रास्तों पर बैरिकेडिंग की वजह से लोगों को चक्कर लगाने पड़े।

दरअसल रामेश्वर शर्मा का कांग्रेसियों के घुटने तोड़ने के बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री ने उनकी सद्बुद्धि के लिए 1 घंटे रामधुन करने का ऐलान किया था। इसके बाद विधायक ने भी पूर्व मुख्यमंत्री के लिए स्वागत द्वार से लेकर हलवा-पूरी की प्रसादी की व्यवस्था की थी, लेकिन पुलिस की बैरिकेडिंग कर रोकने की वजह से पूर्व मुख्यमंत्री शर्मा के घर नहीं पहुंच पाए। और ना ही रामधुन कर हलवा पूरी चख सके। ऐसे में सवाल उठ रहे है कि एक बयान पर चार घंटे के सियासी बखेड़े से किसे क्या मिला? जनता को हुई परेशानी का जिम्मेदार कौन है ?

बैरिकेडिंग से जनता हुई परेशान
पुलिस ने मालवीय नगर स्थित विधायक रामेश्वर शर्मा के निवास युवा सदन की तरफ जाने वाली तीनों सड़कों को सुबह 10 बजे से ही बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया था। इसी तरह जहांगीराबाद लाल परेड ग्राउंड से राजभवन तक मुख्य सड़क भी दोनों तरफ से बैरिकेडिंग की गई थी। ऐसे में यहां से किसी को भी आने-जाने की इजाजत नहीं थी। इस वजह से निजी अस्पताल में आने वाले मरीज, स्कूल से घर लौटने वाले स्कूल छात्र-छात्राएं और आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ा। सियासी घमासन खत्म होने के बाद भी आंधे घंटे तक रास्ते बंद रहे।

स्वागत की तैयारियों के बीच बैरिकेडिंग पर सवाल

दिग्विजय सिंह ने अहिंसा के मार्ग पर 1 घंटे रामधुन करने का ऐलान किया था। इसके बावजूद युवा सदन को बैरिकेडिंग कर छावनी में बदलना और 500 मीटर पहले ही बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया जाता है। ऐसे में सत्ता धारी पार्टी के विधायक रामेश्वर शर्मा के रामधुन करने आ रहे दिग्विजय सिंह के लिए स्वागत द्वार समेत अन्य तैयारियों करने की पर भी सवाल खड़े होते है। हालांकि रामेश्वर शर्मा ने पूरे मामले प्रशासन का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ लिया।

हिंदू नेता का राम के नाम पर राजनीति पर सवाल

बीजेपी के वरिष्ठ नेता जय भान सिंह पवैया ने पूरे घटनाक्रम पर कहा कि राजनीतिक स्टंट के लिए कृपा रामजी या श्री राम संकीर्तन का उपयोग करने का पालन न कीजिए, प्रोपेगंडा के लिए कुछ और तरीके भी ईजाद कर लीजिए। भोपाल में आज इस पवित्र संकीर्तन को ढाल बनाकर जो कुछ हो रहा है। उससे एक हिंदू के नाते मेरा मन तो क्षुब्ध है।

मैं राम भक्त हूं, इनके जैसा पांखड़ी नहीं: दिग्विजय सिंह
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस पूरे मामले पर कहा कि कांग्रेस प्रेम, सद्भाव, अहिंसा और सद्भावना से काम करती है। हम वैमनष्यता से काम नहीं करते हैं। हम सम्मति देने के लिए जा रहे हैं। उन्हें सम्मति लेने के लिए पुलिस की आवश्यकता है। जब-जब भाजपा डरती है तो पुलिस को आगे करती है। पहले घुटना तोड़े थे और अब हलवा-पूरी खिला रहे हैं। मैं राम भक्त था और रहूंगा। इन जैसा पाखंडी नहीं हूं।

दूसरी धुन के लोग नाराज हो जाते- रामेश्वर

वहीं, रामेश्वर शर्मा ने बैरिकेडिंग दिग्विजय सिंह को रोकने के बयान पर कहा कि यदि वह राम भक्त होते तो कोई बाधा सामने नहीं आती। भगवान राम को काल्पनिक बताते रहे। यदि उनके मन में, वचन में राम के प्रति सच्ची आस्था होती तो भगवान ही उनके लिए रास्ते बनाते। उनको आना नहीं था, क्योंकि उनके आकर रामधुन करने से दूसरी धुन के लोग नाराज हो जाते।