November 29, 2021

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ज्योतिर्विद पंडित अजय कुमार चौबे के साथ साक्षात्कार अपनों से अपनी बात ..

ज्योतिर्विद पंडित अजय कुमार चौबे के साथ साक्षात्कार अपनों से अपनी बात

आज के समय की अद्भुत प्रतिभा से संपन्नज्योतिर्विद पंडित अजय कुमार चौबे । जिन्होंने अपना जीवन मानव मात्र की सेवा के लिए समर्पित किया। जिनकी शिक्षा मास्टर ऑफ़ साइंस फिजिक्स , मास्टर ऑफ़ बिसिनेस्स अडमिंस्ट्रेशन के साथ मास्टर ऑफ़ एजुकेशन ,वैदिक ज्योतिष , k p ज्योतिष तथा नाड़ी ज्योतिष के ज्ञाता पिछले १५ वर्षो से गायत्री साधना में निरत एक साधक जिनके जीवन का केवल एक मात्र उद्देश्य प्राणी मात्र का कल्याण करना है। आध्यत्मिक मनोभूमि के साथ केवल एक ही विचार के साथ कार्यरत युगऋषि वेद मूर्ति तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा के शिष्य निरंतर गुरुदेव के सपने मनुष्य में देवत्वा का उदय और धरती पर स्वर्ग का अवतरण के लिए सतत कार्यरत से वैदिक एक्सप्रेस की वार्ता
प्र. आप अपने उदेश्यो के वारे में बताये?
उ. मेरे जीवन का एक मात्र उद्देश्य ज्ञान के द्वारा मानव मात्र का का कल्याण है। हमारा जीवन प्रभु की सेवा में लग जाय। स्वामी विवेकानंद कहते थे की मै उस ईश्वर की सेवा करता हु जिसे लोग मनुष्य कहते है। मेरे जीवन का भी एक मात्र उद्देश्य मानव की सेवा करना है।
प्र. आप हमें बताएँगे की आपको आज के इस भौतिक वादी युग में आध्यात्मिक प्रेरणा कब और कैसे प्राप्त हुई ?
उ. योगेशवर श्री कृष्णा श्रीमद भगवद गीता में इस वात को कहा की जो भी मनुष्य योग साधना और ईश्वर भक्ति में लगा रहता है उसका यह कार्य कभी भी निरर्थक नहीं जाता है। पूर्व जन्म में कृत कर्म ही हमें ईश्वर भक्ति की प्रेरणा देते हैं। मेरे जीवन में ज्ञान का प्रकाश मेरे गुरुदेव और कई जन्मो के मार्ग दर्शक परम पूज्य गुरुदेव के साक्षातकार के साथ हुवा गुरुदेव का दर्शन और उनकी प्राण चाटना का स्पर्श आज से १५ वर्षो पूर्व हुआ। जिसने मेरे जीवन में सत्य का बोध कराया और उन्ही की प्रेरण और सत्ता मेरा पल पल मार्गदर्शन करते है। उन्ही की प्रेरणा से मेरे जीवन की यात्रा सतत रूप से चल रही है। नित्य बोध और ज्ञान के नए आयाम खुलते है। जो जीवन में नयी उमंग और उम्मीदे बनाये रखते है। जीवन का मूल्य ईश्वर की प्राप्ति और सद्गुणों का विकास हो गया है। जो ईश्वर सर्वयापी है कण कण में है उसकी अनुभूति निरंतर बनी रहती है.
प्र. आप ज्योतिष को किस तरह मानव के प्रगति और मार्गदर्शन के लिए उपयोग करते है ?
उ.. ज्योतिष का तात्पर्य ही है प्रकाश जो हमारा मार्गदर्शन करे , जीवन में कभी कभी कुछ ऐसी परिस्थितिया बनती है जिसमे अगले क्षण का हमें पता नहीं होता और यह हर व्यक्ति के जीवन में होता , यही समस्या हमें अपने लिए सोचने को मजबूर करती है की हमारा अगला पल कैसा होगा , और अगर ज्योतिष की सहायता ले तो हमें इसमें बहुत हद तक मदद मिलती है। हमारा कर्रिएर क्या हो हम व्यापर करे या नौकरी
शादी कब होगी , आर्थिक रूप से हम कब ससक्त होंगे , जीवन में भाग्योन्नति कब होगी इन सभी का उत्तरआपको ज्योतिष के माध्यम से प्राप्त होगा।
प्र. गायत्री साधना से मानव को क्या लाभ हो सकते है और इसे हम कैसे कर सकते है ?
उ.सिद्ध की हुई गायत्री कामधेनु के समान है । गंगा शरीर के पापों को दूर करती हैं । गायत्री से आत्मा निर्मल होती हैं । गायत्री साक्षात शक्ति का अवतार है। गायत्री मंत्र जप का समय : गायत्री मंत्र जप के लिए तीन समय बताए गए हैं, जप के समय को संध्याकाल भी कहा जाता है।
गायत्री मंत्र के जप का पहला समय है सुबह का। सूर्योदय से थोड़ी देर पहले मंत्र जप शुरू किया जाना चाहिए। जप सूर्योदय के बाद तक करना चाहिए।
मंत्र जप के लिए दूसरा समय है दोपहर का। दोपहर में भी इस मंत्र का जप किया जाता है।

इसके बाद तीसरा समय है शाम को सूर्यास्त से कुछ देर पहले। सूर्यास्त से पहले मंत्र जप शुरू करके सूर्यास्त के कुछ देर बाद तक जप करना चाहिए।
यदि संध्याकाल के अतिरिक्त गायत्री मंत्र का जप करना हो तो मौन रहकर या मानसिक रूप से करना चाहिए। मंत्र जप अधिक तेज आवाज में नहीं करना चाहिए।
गायत्री मंत्र : ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो न: प्रचोदयात्।।
गायत्री मंत्र का अर्थ : सृष्टिकर्ता प्रकाशमान परामात्मा के तेज का हम ध्यान करते हैं, परमात्मा का वह तेज हमारी बुद्धि को सद्मार्ग की ओर चलने के लिए प्रेरित करें।
इस मंत्र के जप करने के लिए रुद्राक्ष की माला का प्रयोग करना श्रेष्ठ होता है। जप से पहले स्नान आदि कर्मों से खुद को पवित्र कर लेना चाहिए। मंत्र जप की संख्या कम से कम 108 होनी चाहिए। घर के मंदिर में या किसी पवित्र स्थान पर गायत्री माता का ध्यान करते हुए मंत्र का जप करना चाहिए।
गायत्री मंत्र जप के फायदे उत्साह एवं सकारात्मकता बढ़ती है।त्वचा में चमक आती है।बुराइयों से मन दूर होता है।धर्म और सेवा कार्यों में मन लगता है।पूर्वाभास होने लगता है।आशीर्वाद देने की शक्ति बढ़ती है।स्वप्न सिद्धि प्राप्त होती क्रोध शांत होता है।
प्र.आज का मानव भौतिक वादी होते हुए भी आध्यात्मिक कैसे हो?
उ. आज के इस भौतिक युग में जहा हम भौतिक जगत की सम्पपन्नता को ही सब कुछ मान बैठे है। आत्मा का अस्तित्वा पर ही हम प्रश्न चिन्ह लगा बैठे है। न तो हमारे पास अपने लिए समय है न ही हम अपने को अच्छा उठाने चाहते है। आज का मानव अस्तुरे के साथ बन्दर वाली दशा में है जिसमे वह स्वयं का ही नुक्सान कर रहा है। दुनिया तीसरे विश्वयुद्ध के मुहाने पर बैठी है मानव का चिंतन दिन पर दिन दूषित होता जारहा है। हमें वास्तव में परम पुआप ज्य गुरुदेव के वैज्ञानिक अध्यात्म वाद की तरफ बढ़ना चाहिए जो मानव में देवत्वा का उदय और धरती पर स्वर्ग के अवतरण का अनुभव कराता है। २१ वी सदी उज्जवल भविष्य। आत्मिक रूप से काम से काम अपने आतमोतकर्ष के लिए नित्य ३० मिनट गायत्री मंत्रो का जप करे। अपने वाणी आचरण और अन्तः कारन को शुद्ध रखे अपने को परमात्मा का अंग अवयव समझे। लोगो से प्रेम करे। यही इस युग का सच्चा अध्यात्म होगा।
प्र .व्यक्तिगत जीवन में हम किन बातो का समावेश करे ?
उ . हमें अपनी आत्मा के प्रति सच्चा होना पड़ेगा। नित्य स्वाध्याय करे। परम पूज्य गुरुदेव ने ३२०० से ज्यादा साहित्य सद्ग्रंथो का निर्माण किया है। जिनकी सहायता से आप अपने जीवन में आगे बढ़ सकते है। इसका अध्ययन कर सकते है। समय पालन का महत्व और साथ ही साधना का समावेश हमें अपने जीवन में ऊँचा उठाएगा।
प्र.आपका गुरुदेव का सद्साहित्य विस्तार का कैसा अभियान है और हम सब अपने को केस जोड़ सकते है ?
उ.परम पूज्य गुरुदेव का अभियान विचार क्रांति अभियान मानवता के उठाने का है । विचार क्रांति अभियान में हर व्यक्ति तक सद साहित्यको पहुचान। आप कही भी हो अपना पता भेजे आपके घर तक पोस्ट/कूरियर के द्वारा ज्ञान के विचारो को पहुंचाया जाएगा जो आपको अपने जीवन में ऊंचाई तक उठाएगा।
प्र . आप से ज्योतिषीय परामर्श कैसे कर सकते है ?
उ . आप के अंदर किसी भी बात को जानने की जिज्ञाशा है , कोई इसी समस्या है जिसको आप समझ नहीं पारहे है । इस नंबर पर व्हाट्सप्प 9838760378 करके आपोटमेंट लेकर आप अपनी समस्या का निराकरण करा सकते है?
प्र . कोई सलाह जो हर व्यक्ति को करनी चाहिए स्वयं के उठान के लिए ?
उ. हम सबको एक दूसरे से प्रेम करना चाहिए। स्वयं को समाज का अंग समझे और सबके हित में अपना हीत समझे। सम्माज को वैचारिक प्रदुषण से बचाये। अपने समय , श्रम और धन का एक अंग ईश्वरीय कार्य हेतु खर्च करे।

आपने अपने बहुमूल्य विचार और समय दिया इसके लिए धन्यवाद आप अपने इस उद्देश्य में सफल रहे यही हम्मारी कामना है।
आप में से जिन्हे भी कोई ज्योतिष और साधना संभंधित जिज्ञासा है
वे व्हाट्सप्प 9838760378 पर कर के अपनी समस्याओ का निराकरण करा सकते है।