June 27, 2022

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OBC आरक्षण को लेकर ‘सरकार’ का फॉरेन टूर टला:CM बोले- अभी MP में रहना जरूरी; नरोत्तम का कमलनाथ पर बड़ा आरोप

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 14 मई से शुरू होने वाली अपनी विदेश यात्रा कैंसिल कर दी है। साथ ही आज इस यात्रा को लेकर होने वाली बैठकें भी कैंसिल कर दी हैं। इसकी वजह बताते हुए CM ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश में निकाय-पंचायत चुनाव बिना OBC रिजर्वेशन के ही कराने का आदेश दिया है। हमारी सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग के सामाजिक आर्थिक और राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। न्यायालय का निर्णय स्थानीय निकायों में प्रतिनिधित्व को प्रभावित करने वाला निर्णय है। सरकार ने रिव्यू पिटीशन दायर करने का फैसला लिया है। 14 मई से मध्यप्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए विदेश प्रवास तय था, लेकिन अभी कोर्ट में पिछड़ा वर्ग का पक्ष रखना और उनके हितों का संरक्षण करना मेरी प्राथमिकता है। इसीलिए प्रस्तावित विदेश यात्रा निरस्त कर रहा हूं।

मध्यप्रदेश सरकार ने 15 से 20 मई 2022 के बीच न्यूयॉर्क और लंदन में इनवेस्टर्स प्रमोशन मीट्स की योजना बनाई थी। इस आयोजन के लिए कई लीडिंग इनवेस्टर्स ने रुचि दिखाई थी। सीएम शिवराज ने कहा कि यह आईडिया प्रदेश में निवेश लाने के लिए था, जिसके परिणामस्वरूप रोजगार के अवसर और राज्य के आर्थिक विकास में वृद्धि होती। हालांकि, स्थानीय निकायों के चुनावों में प्रतिनिधित्व के संबंध में हालिया घटनाक्रम के लिए मध्यप्रदेश में मेरी उपस्थिति की आवश्यकता है।

निवेश प्रस्तावों को तेजी से मंजूरी दी जाएगी
सीएम शिवराज ने कहा कि इस तत्काल और अत्यधिक आवश्यकता को देखते हुए, मैंने यात्रा को स्थगित करने का निर्णय लिया है। मैं सभी निवेशकों, मध्य प्रदेश के दोस्तों, भारतीय प्रवासी, यूएसए और यूके के भारतीय दूतावासों को धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने इस पहल को सफल बनाने के लिए पिछले एक महीने से अथक प्रयास किया। शिवराज ने सभी निवेशकों को विश्वास दिया कि उनके निवेश प्रस्तावों को तेजी से मंजूरी दी जाएगी।

गृहमंत्री नरोत्तम बोले- कमलनाथ ने सुभाष यादव को सीएम नहीं बनने दिया
बीजेपी सरकार के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने ओबीसी वर्ग को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ पर बड़ा आरोप लगाया है। नरोत्तम ने कहा कि आरोप भारतीय जनता पार्टी पर लगाने से कुछ नहीं होगा। हमने तीन मुख्यमंत्री उमाभारती, बाबूलाल गौर और शिवराज सिंह चौहान ओबीसी वर्ग से दिए हैं। हमारे प्रधानमंत्री हैं। मुझे ध्यान है कि यही कमलनाथ थे जब सुभाष यादव मुख्यमंत्री बनने वाले थे और उनके साथ धोखा किया। अरुण यादव को हटाकर अध्यक्ष बने। अरुण यादव को लोकसभा का टिकट नहीं दिया। यह वही कमलनाथ हैं जो पिछड़ों की बात कर रहे हैं। एक भी मुख्यमंत्री कांग्रेस ने पिछड़ा वर्ग से नहीं दिया। एक भी नेता प्रतिपक्ष पिछड़ा नहीं दिया। बीजेपी ने विक्रम वर्मा से लेकर शेजवार तक, पिछड़े एससी तक नेता प्रतिपक्ष दिया। लेकिन यह पिछड़ों को गले लगाकर पीठ में छुरा घोंप देते हैं। मैं तो नाम सहित बता रहा हूं। ऐसा क्यों किया, यह स्पष्ट करें न।

नरोत्तम ने पूछा कि अदालत कौन गया था
नरोत्तम ने पूछा कि अदालत कौन गया था? बीजेपी गई थी? बीजेपी चुनाव में गई थी। चुनाव कांग्रेस भागी। जब भगौड़े बनकर आप अदालत जाआेगे तो परिणाम सामने है। इसमें दोषी कौन हुआ? हमने चुनाव की घोषणा कर दी थी। चुनाव की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई थी। इनके बड़े-बड़े वकील, कार्यकर्ता विवेक तन्खा, सय्यद जाफर, जया ठाकुर अदालत में गए। परिणाम इनके अनुकूल नहीं आया और जो था वो और चला गया। महाराष्ट्र में यही हुआ। वहां तो कांग्रेस की सरकार है। फिर वहां एेसा क्यों हुआ। इसके जवाब नहीं है।

मप्र के पिछड़े इन्हें अच्छे से जानते हैं। मप्र के वर्तमान नेता प्रतिपक्ष ने विधानसभा में गलत जानकारी देकर कहा था 27 प्रतिशत ओबीसी है। अदालत को भी गलत जानकारी दी। इनके कार्यकाल में चुनाव होने थे तो क्यों नहीं कराए। इन सब बातों के जवाब नहीं है। हम सरकार में इसलिए दोषी नहीं हो जाएंगे। हमने जो किया वो सबके सामने है। हम आज भी संकल्पित हैं कि चुनाव आरक्षण के साथ में होने चाहिए। चुनाव के तो हम तब भी पक्ष में थे, आज भी पक्ष में हैं।