गंजबासोदा
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*उदयपुर नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर का मुख्य द्वार को गूगल मैप पर मोहमद बिन तुगलक की मस्जिद का बताया मुख्य द्वार*

*कार्यवाही की मांग को लेकर विहिप ने दिया ज्ञापन*

*उदयपुर नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर का मुख्य द्वार को गूगल मैप पर मोहमद बिन तुगलक की मस्जिद का बताया मुख्य द्वार*

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*कार्यवाही की मांग को लेकर विहिप ने दिया ज्ञापन*

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गंजबासौदा-गत दिवस विहिप द्वारा एक ज्ञापन स्थानीय तहसीलदार कमलसिंह मंडेलिया को दिया गया जिसमें कहा गया कि परमार कालीन करीब एक हजार वर्ष पुराने नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर के मुख्य द्वार को गूगल मैप पर मोहमद बिन तुगलकी की मस्जिद का मुख्य द्वार दिखाया जा रहा उक्त ज्ञापन पर तहसीलदार द्वारा सम्बंधित विभाग को पत्र लिखने की बात कही गई है| विहिप के जिला मंत्री अभिषेक शर्मा ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को बताया कि किसी फितरती युवक द्वारा उदयपुर नीलकंठेश्वर मन्दिर के मुख्य द्वार को क्षेत्र का माहौल खराब करने के उद्देश्य से मोहमद बिन तुगलक की शाही मस्जिद का मुख्य द्वार बता दिया ऐसे युवक को चिन्हित कर कार्यवाही की जानी चाहिये अन्यथा संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगा ज्ञापन के अवसर पर प्रमुख रूप से विहिप जिला मंत्री अभिषेक शर्मा गुरूजी, नगर अध्यक्ष रामकृष्ण राजपूत, नगर मंत्री संजय सिलावट, अतुल ठाकुर, एवं उदयपुर से सुंदर सिंह जाट, पंकज शर्मा, पत्रकार सौरभ द्विवेदी, हरिशंकर प्रजापति हरिशंकर सेन, देवेंद्र रघुवंशी सहित अनैक उपस्थित रहे।

*गूगल मैप पर गड़बड़ी या फिर सडयंत्र होनी चाहिये जांच*

उदयपुर नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर 11 वी सदी का परमार वंश का मंदिर है लेकिन पिछले कुछ वर्षों से यह स्थल प्रदेश व देश की मीडिया की सुर्खियों में रहा है इस स्थल का विवादों से भी गहरा नाता रहा है विगत वर्ष उदयपुर के राजा के महल को निजी संपत्ति घोषित करने का भी मामला प्रकाश में आया था जिसे प्रशासन ने तत्काल कार्यवाही करते हुए खाली कराया और अपने सुपुर्द में लिया और अब वह प्राचीन महल राज्य पुरातत्व विभाग की धरोहर है और अब इस वर्ष नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर के मुख्य द्वार को ही विवादित करने का प्रयास हुआ है यह मात्र एक गड़बड़ी है या फिर किसी प्रकार का कोई सडयंत्र क्योंकि गूगल मैप की बारीकी से पड़ताल करने पर कई चौकाने बाले खुलासे हो रहे हैं जिससे किसी सडयंत्र को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता विहिप जिला मंत्री अभिषेक ने पूरे मामले में आरोप लगाते हुए एक सघन जांच की मांग की है व दोषियों पर दंडात्मक कार्यवाही की मांग भी की है|

*मोहमद बिन तुगलक का क्या था उदयपुर से नाता*

तुगलक की तबाही के निशान उदयपुर तक थे यह एक क्रूर शासक था जो उस काल मे दिल्ली की गद्दी पर आसीन था और वह तुगलक फरमान के नाम से सारे देश में विख्यात था तुगलक काल मे 1335 से 40 के बीच उस समय जब वह दिल्ली का शासक था उसने अपने सिपेसलारों को उदयपुर मन्दिर नष्ट करने का फरमान दिया था और उस काल के मोहमद बिन तुगलक की कुरुरता के एक एक निशान आज भी जीवित अवस्था मे उदयपुर नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर की एक एक खंडित मूर्ति आज भी मानो अपनी उस काल की व्यथा सुना रही है कि उस समय उस पर क्या क्या अत्याचार दुराचार अनाचार हुए यह आज भी मन्दिर में देखे जा सकते हैं |

लेकिन यह भी सत्य है कि इतिहासकारों ने बताया कि उस काल की बर्बादी के निशान होने पर भी उस समय के हिन्दू सनातनी लोगों ने संघर्ष किया होगा तभी यह मंदिर अपनी पूर्ण आकृति में आज भी खड़ा है यह इस क्षेत्र का इकलौता एक मात्र मन्दिर बचा था जो अपनी पूर्ण आकृति में मुगलों व विदेशी आक्रांताओ से बच सका लेकिन पूरे मामले में दुखद यह है कि आज भी लोग ऐसे आक्रांताओं को गूगल मैप पर दर्शा कर क्या जताना चाहते हैं यह एक दुखद पहलू है|

*अरबी भाषा में लिखा एक पटल*

मन्दिर परिसर में अरबी भाषा मे एक पटल शिलालेख लिखा हुआ है जिसमें 1338 ई उल्लेखित है उस समय दिल्ली की गद्दी पर मोहमद बिन तुगलक बिराजित था इस शिलालेख में उसके सिपेसलारों के नाम ‘आजम मलिक जिन्हें सर जमादे खास से उल्लेखित किया है व मोहमद लाहौरी व अहमद वल्द बजीह का भी उल्लेख है हो सकता है उदयपुर की बर्बादी के यह ही सिपेसलार रहे हों जिन्होंने तुग़लक फरमान के बाद उदयपुर में कहर बरसाया यह जानकारी सूत्रों के अनुसार एक इतिहासकार ने दी है|

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