लोकतंत्र को सुरक्षित करने में मीसाबंदियों की सबसे अहम भूमिका है* *- संविधान का अगर किसी ने दुरूपयोग किया तो वह कांग्रेस पार्टी ने किया* *- मीसाबंदियों को तीर्थ यात्रा कराने के साथ इलाज का खर्च भी उठाएगी सरकार* *- डॉ. मोहन यादव*

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*मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह एवं पूर्व राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने भोपाल में आपातकाल की स्मृति में संविधान हत्या दिवस पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर लोकतंत्र सेनानियों का किया सम्मान* 

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*- लोकतंत्र को सुरक्षित करने में मीसाबंदियों की सबसे अहम भूमिका है*

*- संविधान का अगर किसी ने दुरूपयोग किया तो वह कांग्रेस पार्टी ने किया*

*- मीसाबंदियों को तीर्थ यात्रा कराने के साथ इलाज का खर्च भी उठाएगी सरकार*

*- डॉ. मोहन यादव*

*- आपातकाल भारतीय लोकतंत्र पर कांग्रेस के अहंकार और तानाशाही का काला अध्याय है* 

*- लोकतंत्र सेनानियों के त्याग और बलिदान से सुरक्षित है भारतीय लोकतंत्र*

*- आपातकाल में लोकतंत्र का गला घोंटा, आज भारत सबसे सशक्त लोकतांत्रिक देश*

*- डॉ. महेंद्र सिंह*

*- इंदिरा गांधी ने आपातकाल क्यों लगाया आज तक समझ नहीं आया*

*- भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान मिला*

*- 1975 में भाजपा सरकार होती तो लोकतंत्र पर काला धब्बा नहीं लगता*

*- प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी*

*- कांग्रेस ने सत्ता पिपासा में लोकतंत्र की हत्या की थी* 

*- श्री कैलाश सोनी*

*- मुख्यमंत्री लोकतंत्र सेनानियों की पीड़ा समझते हैं* 

*- श्री तपन भौमिक*

भोपाल, 26/06/2026। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने भोपाल में शुक्रवार को आपातकाल की स्मृति मंे संविधान हत्या दिवस पर रविन्द्र भवन समागम में आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन व वंदे मातरम् गान के साथ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देश के लोकतंत्र को सुरक्षित करने में सबसे अहम भूमिका लोकतंत्र सेनानियों की है। संविधान का अगर किसी ने दुरूपयोग किया है तो वह कांग्रेस पार्टी ने किया। देश में आपातकाल लगाकर संविधान की हत्या करने वाली इंदिरा गांधी कांग्रेस की दूसरी पीढ़ी थीं। आज कांग्रेस की पांचवी पीढ़ी राजनीति में है। कांग्रेस ने तब भी संविधान का सम्मान नहीं किया और अब भी सम्मान नहीं करती। लाल किताब दिखाकर संविधान की बात करने वाली कांग्रेस पार्टी ने संविधान का सबसे अधिक दुरूपयोग किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मीसाबंदियों को विशेष ट्रेन के माध्यम से तीर्थयात्रा कराई जाएगी। लोकतंत्र सेनानियों के इलाज का खर्च भी सरकार उठाएगी। बीमार होने पर उन्हें एयर एंबुलेंस की सुविधा प्रदान की जाएगी। विश्राम गृह में दो दिन निःशुल्क रूकने के साथ मीसाबंदियों के नाम पर मार्गों, पार्कों व भवनों का नामकरण भी किया जाएगा। कार्यक्रम में मीसाबंदी पूर्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता, श्री लक्ष्मीनारायण पाटीदार एवं बंशीलाल सांघवी को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी मीसाबंदियों पर पुष्पवर्षा कर अभिनंदन कर सम्मानित किया। भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय था। यह किसी राष्ट्रीय आपदा का परिणाम नहीं, बल्कि सत्ता के अहंकार, परिवारवाद और तानाशाही मानसिकता का प्रत्यक्ष उदाहरण था। तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार ने अपने राजनीतिक स्वार्थों की रक्षा के लिए संविधान की आत्मा को कुचलते हुए लोकतांत्रिक संस्थाओं, न्यायपालिका, मीडिया और नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर अभूतपूर्व प्रहार किया। आपातकाल भारतीय लोकतंत्र पर कांग्रेस के अहंकार और तानाशाही का काला अध्याय है, जिसे देश कभी भुला नहीं सकता। पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि इंदिरा गांधी ने आपातकाल क्यों लगाया मुझे आज तक समझ नहीं आया। 1975 का आपातकाल वास्तविक संवैधानिक परिस्थिति के अनुरूप नहीं था, देश और प्रदेशों में भाजपा की सरकार बनने के बाद लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान मिलना शुरू हुआ। कार्यक्रम को लोकतंत्र सेनानी व तीर्थ स्थान मेला प्राधिकरण अध्यक्ष श्री तपन भौमिक एवं लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कैलाश सोनी ने अपने संस्मरण सुनाए। 

*लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष से भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश बना – डॉ. मोहन यादव*

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्ष 1947 की आजादी भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद ने दिलाई तो लोकतंत्र सेनानियों ने आपातकाल से आजादी दिलाई। कांग्रेस ने देश के आजाद होने बाद भी संविधान का सम्मान नहीं किया और यह सिलसिला उसके कई पीढ़ियों के नेतृत्व तक चलता रहा। ऐसे में सवाल उठता है कि कांग्रेस आज किस मुंह से लोकतंत्र और संविधान की दुहाई देती है। कांग्रेस पार्टी ने सत्ता की ताकत का उपयोग लोगों को दबाने के लिए किया। कांग्रेस न पहले सुधरी थी और न ही अभी सुधरी है। उसने हमेशा लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने का कार्य किया है। आपातकाल में घर के मुखिया को जेल में ठूंस देने के बाद 19 महीने तक जेल में रखा गया। मैं करीब नौ साल का था, जब मेरे पिताजी को आपातकाल में लोकतंत्र को बचाने के लिए आंदोलन करने के कारण जेल में बंद कर दिया गया था। कल्पना कीजिए जिसके घर का मुखिया जेल में हो, उस घर के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य व मानसिक स्तर पर क्या प्रभाव पड़ा होगा। आज मैं गर्व से कह सकता हूं कि लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष से भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश बना है। लोकतंत्र सेनानियों ने संविधान और देश को बचाने के लिए जो मशाल जलाई है उसे बुझने नहीं देना हम सभी की जिम्मेदारी है। 

*लोकतंत्र सेनानियों को निःशुल्क मिलेगी एयर एंबुलेंस, सभी को मिलेंगे ताम्रपत्र*

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आपातकाल के दौरान कठिन यातनाएं झेलने वाले लोकतंत्र सेनानियों को मैं नमन करता हूं। लोकतंत्र सेनानियों को रेस्ट हाउस में उनके रुकने की व्यवस्था होगी। लोकतंत्र सेनानियों के योगदान के लिए शासकीय भवन, मार्ग, पार्क व सड़क का नाम रखा जाएगा। लोकतंत्र सेनानियों और स्वतंत्रता सेनानियों के इलाज की व्यवस्था मध्यप्रदेश सरकार करेगी, साथ ही गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए एयर एंबुलेंस की निःशुल्क व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी लोकतंत्र सेनानियों को ताम्रपत्र दिया जा रहा है, जिन लोकतंत्र सेनानियों को अभी तक ताम्रपत्र प्राप्त नहीं हो सका है, उन्हें जिला प्रशासन जल्दी ही ताम्रपत्र उपलब्ध कराएगा। हमारी सरकार में प्रदेश भर के सभी वरिष्ठ नागरिकों को शासकीय कार्यालयों में सम्मान दिया जाता है और उनके सुझावों व कठिनाइयों को समझकर स्थानीय स्तर पर लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आप सभी लोकतंत्र सेनानियों के संघर्षों का परिणाम है कि भारत लगातार प्रगति के पथ पर आगे बढ़ते हुए हर कसौटी पर खरा उतर रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत तेजी से आत्मनिभर देश बनने की ओर अग्रसर है। आप सभी लोकतंत्र सेनानी के संघर्षों का परिणाम है कि भारत आज लोकतंत्र के उच्च आदर्शों के साथ विश्व में अपना विशिष्ट स्थान बनाए हुए है। 

*नई पीढ़ी को आपातकाल के काले दौर से अवगत कराना आवश्यक – डॉ. महेंद्र सिंह*

भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि न्यायपालिका के निर्णय को स्वीकार करने के बजाय तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने लोकतांत्रिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर पूरे देश को भय और दमन के वातावरण में धकेल दिया। हजारों विपक्षी नेताओं, लोकतंत्र सेनानियों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़े लोगों को बिना किसी अपराध के जेलों में डाल दिया गया। यह सत्ता के अहंकार का ऐसा उदाहरण था, जिसने लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने का प्रयास किया। आज जब देश आजादी के अमृतकाल में विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है, तब नई पीढ़ी को आपातकाल के उस काले दौर से अवगत कराना आवश्यक है। लोकतंत्र स्वतः सुरक्षित नहीं रहता, बल्कि इसके लिए अनगिनत देशभक्तों ने संघर्ष किया, यातनाएं सहीं और अपने जीवन का सर्वाेत्तम समय राष्ट्रहित में समर्पित किया। लोकतंत्र सेनानियों का त्याग और बलिदान ही आज देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल राजनीतिक नहीं था, बल्कि भारतीय संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्र की आत्मा की रक्षा का संघर्ष था। भारतीय जनता पार्टी ऐसे सभी लोकतंत्र सेनानियों के प्रति कृतज्ञ है, जिनके बलिदान के कारण आज प्रत्येक भारतीय स्वतंत्र वातावरण में अपने अधिकारों का उपयोग कर रहा है।

*प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत विश्व गुरु बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर*

भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत आज आत्मविश्वास, सुशासन और जनभागीदारी के बल पर विश्व की सबसे तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। भारत वैश्विक मंच पर अपनी नई पहचान बना रहा है और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। यह प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा विकसित भारत के निर्माण के लिए दिए गए पंच प्रण आज राष्ट्र निर्माण के मार्गदर्शक हैं। विकसित भारत का निर्माण, गुलामी की मानसिकता से मुक्ति, अपनी विरासत पर गर्व, राष्ट्रीय एकता एवं एकजुटता तथा नागरिक कर्तव्यों का पालन, इन पांच संकल्पों को जन-जन का संकल्प बनाना होगा। उन्होंने कहा कि जब प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों को राष्ट्रधर्म मानकर कार्य करेगा, तभी विकसित भारत का सपना साकार होगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा केवल इतिहास को याद करने का विषय नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक करने का दायित्व भी है। आज भारत विश्व के सबसे सशक्त लोकतंत्र के रूप में प्रतिष्ठित है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत पुनः विश्वगुरु बनने की दिशा में अग्रसर है और विकसित भारत का संकल्प निश्चित रूप से साकार होगा।

*भाजपा की सरकार बनने के बाद लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान मिला-प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी*

पूर्व राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि संविधान में तीन प्रकार के आपातकाल का प्रावधान है, अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रीय आपातकाल, अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन तथा अनुच्छेद 360 के तहत आर्थिक आपातकाल। 1975 का आपातकाल, इनमें से किसी भी वास्तविक संवैधानिक परिस्थिति के अनुरूप नहीं था। भाजपा की सरकार बनने के बाद से लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानपूर्वक आमंत्रित कर उनका निरंतर सम्मान किया जा रहा है। सरकार ने केवल सम्मान ही नहीं दिया, बल्कि मीसाबंदियों के लिए मानदेय की व्यवस्था भी की। त्याग और बलिदान का मूल्य समझने वाली सरकार ही ऐसा निर्णय ले सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों के लिए चिकित्सा सुविधा, सर्किट हाउस एवं विश्राम गृहों में ठहरने की व्यवस्था, सम्मान-पत्र एवं प्रमाण-पत्र जैसी अनेक सुविधाएं भी सरकार ने उपलब्ध कराई हैं। यदि 1975 में भी ऐसी सोच वाली सरकार होती, तो लोकतंत्र पर काला धब्बा कभी नहीं लगता। मध्यप्रदेश में लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान की परंपरा शुरू होने के बाद जब मैं हरियाणा का राज्यपाल बना, तब लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कैलाश सोनी एक प्रतिनिधिमंडल के साथ मुझसे मिलने पहुंचे। उनके आग्रह पर अगले ही दिन लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान कार्यक्रम की घोषणा की गई। इसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री से चर्चा कर हरियाणा में भी लोकतंत्र सेनानियों के लिए 10 हजार प्रतिमाह मानदेय प्रारंभ कराया गया। अब पश्चिम बंगाल में भी प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। लोकतंत्र सेनानियों की एक महत्वपूर्ण मांग अभी भी शेष है कि उन्हें स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के समान दर्जा दिया जाए। यह निर्णय राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र से बाहर है और इसके लिए केंद्र सरकार को पहल करनी होगी। उन्होंने लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कैलाश सोनी से आग्रह किया कि वे इस मांग को केंद्र सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाएं। 

*इंदिरा गांधी और ममता बनर्जी ने इस्तीफा नहीं दिया*

पूर्व राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि आपातकाल वह दौर था, जब नो दलील, नो वकील, नो अपील जैसी स्थिति बन गई थी। नागरिकों के मौलिक अधिकार सीमित कर दिए गए थे और असहमति की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया। लोकतंत्र की रक्षा के लिए हजारों लोगों ने संघर्ष किया और जेल की यातनाएं सहनी पड़ी। सत्ता बचाने के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी की गई और 25 जून 1975 को देश पर आपातकाल थोप दिया गया। विपक्ष के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और हजारों लोकतंत्र रक्षकों को जेलों में डाल दिया गया। संविधान में संशोधन कर सत्ता को बचाने का प्रयास किया गया। यह भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय है। मुझे दुख है कि देश में ऐसे दो उदाहरण रहे और संयोग से दोनों महिलाएं थीं। एक वर्ष 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और दूसरा हाल के वर्षों में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जिन्होंने इस्तीफा नहीं दिया। देश की जागरूक जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से मतदान के माध्यम से तानाशाही प्रवृत्तियों को करारा जवाब दिया और लोकतंत्र की पुनर्स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया। लोकतंत्र की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। इसी उद्देश्य से भारतीय जनता पार्टी प्रत्येक वर्ष 25 जून को ‘‘संविधान हत्या दिवस‘‘ के रूप में मनाकर नई पीढ़ी को आपातकाल के इतिहास और लोकतंत्र के महत्व से परिचित करा रही है।

*आपातकाल में लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को ध्वस्त किया गया – श्री कैलाश सोनी*

लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सांसद श्री कैलाश सोनी ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता पिपासा में लोकतंत्र की हत्या कर देश में आपातकाल लगाया था। आपातकाल में सभी लोकतांत्रित व्यवस्थाओं व संस्थाओं को ध्वस्त करने का कार्य किया गया। मीडिया, न्यायपालिका को दबाया गया। मध्यप्रदेश में 1 लाख 8 हजार से अधिक लोकतंत्र सेनानियों को जेल में बंदकर दिया गया था। धारा 151 के तहत मध्यप्रदेश के 5 से 7 लाख लोगों को आपातकाल में जेल में बंदकर दिया गया था। पूर्व केंद्रीय मंत्री जार्ज फर्नाडीज ने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र को बचाने के लिए किए गए आंदोलन को आजादी की दूसरी लड़ाई की तरह बताया था। उन्होंने कहा कि देश में आपातकाल लगाने के लिए जो संविधान में शक्तियां निहित हैं, कांग्रेस की इंदिरा गांधी सरकार ने उनका भी कोई पालन नहीं किया था।

*भाजपा सरकार लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान के लिए कार्य कर रही है – श्री तपन भौमिक*

लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष व मध्यप्रदेश तीर्थ स्थान मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री तपन भौमिक ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लोकतंत्र सेनानियों की पीड़ा समझते है, क्योंकि वह खुद एक लोकतंत्र सेनानी के पुत्र हैं। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बाबूलाल गौर और केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान भी लोकतंत्र सेनानी हैं। लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान के लिए मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार लगातार कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान देने और देश के युवाओं को 25 जून 1975 की काली रात का सच बताने का जो सराहनीय कार्य किया है, उसके लिए मैं हृदय से उनका आभार प्रकट करता हूं। 

कार्यक्रम का संचालन लोकतंत्र सेनानी श्री संतोष शर्मा ने किया एवं आभार श्री सुरेन्द्र द्विवेदी ने माना। इस दौरान मंच पर वरिष्ठ नेता श्री मेघराज जैन, श्री माखन सिंह चौहान, प्रदेश शासन की मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक श्री अशोक पाण्डे, पूर्व मंत्री श्री राघवजी भाई, प्रदेश महामंत्री श्री राहुल कोठारी, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, श्री भगवानदास सबनानी, पूर्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता, मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष श्री रामकृष्ण कुसमरिया, लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष श्री सत्येन्द्र भूषण सिंह, जिला अध्यक्ष श्री रविन्द्र यति एवं श्री सुधीर अग्रवाल मंचासीन रहे। 

 

(आशीष उषा अग्रवाल)

प्रदेश मीडिया प्रभारी

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लोकतंत्र को सुरक्षित करने में मीसाबंदियों की सबसे अहम भूमिका है* *- संविधान का अगर किसी ने दुरूपयोग किया तो वह कांग्रेस पार्टी ने किया* *- मीसाबंदियों को तीर्थ यात्रा कराने के साथ इलाज का खर्च भी उठाएगी सरकार* *- डॉ. मोहन यादव*

*मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल, पार्टी के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह, गुजरात के प्रदेश संगठन महामंत्री श्री रत्नाकर जी एवं प्रशिक्षण महाअभियान पश्चिम मध्य क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रभारी श्री के.सी. पटेल ने मंगलवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में मंडल व जिला प्रशिक्षण वर्ग की प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक को किया संबोधित*

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